8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है। आयोग अब चर्चा और सुझावों के अहम चरण में पहुंच चुका है। इसी बीच कई कर्मचारी संगठनों ने वेतन बढ़ोतरी, पेंशन सुधार, प्रमोशन सिस्टम और भत्तों में इजाफे को लेकर सरकार के सामने बड़े प्रस्ताव रखे हैं।
देशभर के लाखों केंद्रीय कर्मचारी और रिटायर्ड कर्मचारी उम्मीद कर रहे हैं कि इस बार वेतन आयोग सिर्फ सैलरी बढ़ाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी वेतन और पेंशन व्यवस्था में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
कर्मचारी संगठनों ने सरकार को सौंपे प्रस्ताव
हाल ही में प्रमुख कर्मचारी संगठनों NCJCM, महाराष्ट्र ओल्ड पेंशन ऑर्गनाइजेशन और AIDEF ने 8वें वेतन आयोग को अपने विस्तृत सुझाव सौंपे हैं। माना जा रहा है कि इन प्रस्तावों का आयोग की अंतिम सिफारिशों पर महत्वपूर्ण असर पड़ सकता है।
इन संगठनों ने कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति, बढ़ती महंगाई और बदलती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई बड़े बदलावों की मांग की है।
न्यूनतम बेसिक सैलरी बढ़ाने की मांग
कर्मचारी संगठनों की सबसे बड़ी मांग न्यूनतम बेसिक पे में भारी बढ़ोतरी को लेकर है। प्रस्ताव में न्यूनतम वेतन को बढ़ाकर ₹65,000 से ₹69,000 प्रति माह करने की बात कही गई है।
इसके साथ ही फिटमेंट फैक्टर को 3.8 से 3.833 तक करने का सुझाव भी दिया गया है। अगर सरकार इस प्रस्ताव को स्वीकार करती है, तो कर्मचारियों की मौजूदा सैलरी में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।
वार्षिक इंक्रीमेंट 3% से बढ़ाने की मांग
कर्मचारी संगठन केवल शुरुआती वेतन वृद्धि तक सीमित नहीं रहना चाहते। उन्होंने हर साल मिलने वाले इंक्रीमेंट को भी बढ़ाने की मांग की है।
फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों को 3% वार्षिक वृद्धि मिलती है, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 5% से 6% करने का प्रस्ताव रखा गया है। संगठनों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई और जीवनयापन की लागत को देखते हुए यह बदलाव जरूरी हो गया है।
पेंशन सिस्टम में सुधार पर जोर
पेंशनर्स संगठनों ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) को दोबारा लागू करने की मांग भी उठाई है। इसके अलावा पेंशन में महंगाई भत्ते (DA) को बेहतर तरीके से जोड़ने और रिटायर कर्मचारियों के लिए मजबूत सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था बनाने पर भी जोर दिया गया है।
संगठनों का कहना है कि नई वेतन संरचना और पेंशन व्यवस्था के बीच संतुलन होना जरूरी है ताकि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान न उठाना पड़े।
प्रमोशन और पे मैट्रिक्स में बदलाव की मांग
NCJCM ने वेतन मैट्रिक्स को आसान और अधिक पारदर्शी बनाने का सुझाव दिया है। वहीं AIDEF ने तकनीकी कर्मचारियों और रक्षा क्षेत्र के सिविल कर्मचारियों के लिए स्किल बेस्ड पे सिस्टम लागू करने और प्रमोशन प्रक्रिया को तेज करने की मांग रखी है।
महाराष्ट्र ओल्ड पेंशन ऑर्गनाइजेशन ने 10-20-30 प्रमोशन मॉडल लागू करने का सुझाव दिया है, ताकि कर्मचारियों को समय पर प्रमोशन मिल सके और करियर ग्रोथ बेहतर हो।
HRA, TA और अन्य भत्तों में बढ़ोतरी की मांग
कर्मचारी संगठनों ने हाउस रेंट अलाउंस (HRA), ट्रैवल अलाउंस (TA) और अन्य भत्तों में भी बढ़ोतरी की मांग की है। कुछ संगठनों ने रिस्क अलाउंस को बढ़ाकर ₹10,000 से ₹15,000 तक करने का प्रस्ताव दिया है।
उनका कहना है कि वर्तमान महंगाई के दौर में मौजूदा भत्ते कर्मचारियों की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं।
कब तक आ सकती हैं आयोग की सिफारिशें?
8वें वेतन आयोग को लेकर बैठकों और सलाह-मशविरों का दौर अब तेज हो चुका है। दिल्ली में 13 और 14 मई 2026 को अहम बैठकें आयोजित की जा रही हैं।
माना जा रहा है कि आयोग 2027 के मध्य तक अपनी अंतिम सिफारिशें सरकार को सौंप सकता है। इसके बाद सरकार इन सिफारिशों पर फैसला लेकर नए वेतन ढांचे को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ सकती है।
