केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। हाल ही में आयोजित एनसी-जेसीएम (NC-JCM) की 49वीं वार्षिक बैठक में कर्मचारियों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। इस बैठक की अध्यक्षता कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन ने की, जिसमें कर्मचारी संगठनों ने वेतन, पेंशन, प्रमोशन, भर्ती और लंबित मामलों को लेकर अपनी प्रमुख मांगें सरकार के सामने रखीं।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि बढ़ती महंगाई और काम के दबाव को देखते हुए अब वेतन और सेवा नियमों में बड़े बदलाव की जरूरत है।
1. 8वें वेतन आयोग के लिए सौंपा मांग पत्र
बैठक में कर्मचारी पक्ष ने बताया कि 8वें वेतन आयोग के लिए विस्तृत ज्ञापन सरकार को सौंप दिया गया है। इसमें:
- न्यूनतम वेतन बढ़ाने
- फिटमेंट फैक्टर में सुधार
- वार्षिक वेतन वृद्धि
- प्रमोशन नीति में बदलाव
जैसे मुद्दों को शामिल किया गया है।
कर्मचारी संगठनों ने सरकार से इन मांगों पर लगातार संवाद बनाए रखने की अपील भी की।
2. OPS और पेंशन रिवीजन की मांग
बैठक में पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लेकर भी जोरदार चर्चा हुई। कर्मचारी पक्ष ने मांग की कि 8वें वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस में OPS और मौजूदा पेंशनर्स की पेंशन संशोधन को भी शामिल किया जाए।
इसके अलावा:
- कम्यूटेड पेंशन बहाली
- पेंशन रिवीजन
- रिटायर कर्मचारियों को अतिरिक्त राहत
जैसे मुद्दों को भी उठाया गया।
3. बढ़ते कोर्ट केस पर चिंता
कर्मचारी संगठनों ने केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT), हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में लंबित सेवा मामलों की बढ़ती संख्या पर चिंता जताई।
उनका कहना है कि:
- छोटी-छोटी बातों पर अपील दायर की जाती है
- मामलों का निपटारा वर्षों तक नहीं होता
- कर्मचारियों का मनोबल प्रभावित होता है
संगठनों ने मांग की कि समान मामलों में एक ही फैसला सभी कर्मचारियों पर लागू किया जाए, ताकि हर कर्मचारी को अलग-अलग अदालतों के चक्कर न लगाने पड़ें।
4. AIIMS कर्मचारियों की पोस्टिंग का मुद्दा
बैठक में AIIMS कर्मचारियों की पोस्टिंग से जुड़ी समस्या भी उठाई गई। कर्मचारी संगठनों ने कहा कि पति-पत्नी दोनों सरकारी सेवा में होने के बावजूद उन्हें एक ही शहर में पोस्टिंग नहीं दी जा रही।
इस वजह से कई कर्मचारियों, खासकर महिला कर्मचारियों को पारिवारिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। सरकार से DoPT नियमों को सख्ती से लागू करने की मांग की गई।
5. लंबित फैसलों को लागू करने की मांग
कर्मचारी संगठनों ने कहा कि कर्मचारियों और पेंशनर्स से जुड़े कई मध्यस्थता फैसले वर्षों से लंबित पड़े हैं और अभी तक लागू नहीं किए गए हैं।
उन्होंने सरकार से मांग की कि इन फैसलों को जल्द लागू कर कर्मचारियों और पेंशनर्स को राहत दी जाए।
6. प्रमोशन और इंक्रीमेंट नियमों में बदलाव की मांग
CCS (RP) Rules 2016 के नियम 10 को लेकर भी कर्मचारियों ने आपत्ति जताई।
वर्तमान नियमों के अनुसार:
- प्रमोशन के बाद अगली वेतन वृद्धि के लिए 6 महीने की सेवा जरूरी है
- ‘डीज-नॉन’ लागू होने पर इंक्रीमेंट रुक जाता है
कर्मचारी संगठनों ने मांग की कि:
- 6 महीने की जगह 180 दिन शब्द का उपयोग हो
- डीज-नॉन को इंक्रीमेंट रोकने का आधार न बनाया जाए
7. खाली पदों पर स्थायी भर्ती की मांग
रेलवे समेत कई विभागों में कर्मचारियों की भारी कमी का मुद्दा भी बैठक में उठाया गया।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि:
- काम का बोझ लगातार बढ़ रहा है
- नई परियोजनाएं शुरू हो रही हैं
- लेकिन पर्याप्त भर्ती नहीं हो रही
इसके कारण मौजूदा कर्मचारियों पर मानसिक और शारीरिक दबाव बढ़ रहा है। संगठनों ने आउटसोर्सिंग और निजीकरण पर रोक लगाने तथा सभी खाली पदों पर स्थायी भर्ती करने की मांग की।
कर्मचारियों की बढ़ीं उम्मीदें
8वें वेतन आयोग को लेकर हुई इस बैठक के बाद केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की उम्मीदें और बढ़ गई हैं। माना जा रहा है कि आने वाले समय में सरकार वेतन, पेंशन और सेवा नियमों में बड़े बदलावों पर विचार कर सकती है।
