नई दिल्ली: दुनिया भर में बढ़ते आर्थिक तनाव, महंगाई और नौकरी के संकट ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ईरान-इजरायल और अमेरिका से जुड़े भू-राजनीतिक तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल, गैस, सोना और चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। इसका असर भारत समेत पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। बढ़ती महंगाई के बीच आम लोगों की आय और खर्च का संतुलन बिगड़ता जा रहा है।
इसी बीच कानपुर की ज्योतिषाचार्या स्वाति सक्सेना ने भारत की कुंडली के आधार पर आने वाले समय को लेकर कई अहम संकेत दिए हैं। उन्होंने महंगाई, जॉब संकट, AI के बढ़ते प्रभाव और आर्थिक मंदी को लेकर चिंता जताई है।
शनि और राहु का असर बढ़ा सकता है आर्थिक दबाव
ज्योतिषाचार्या के अनुसार, 6 जून 2026 से 25 फरवरी 2027 तक का समय आर्थिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। उनका कहना है कि वर्तमान में शनि का गोचर रेवती नक्षत्र में हो रहा है, जिसका संबंध व्यापार और आर्थिक गतिविधियों से माना जाता है।
उन्होंने बताया कि भारत की कुंडली में मंगल की महादशा और राहु का अंतर चल रहा है, जो अचानक आर्थिक उतार-चढ़ाव और अस्थिर परिस्थितियों की ओर संकेत करता है। ऐसे समय में लोगों को आर्थिक रूप से सतर्क रहने की जरूरत होगी।
सरकार ले सकती है रक्षात्मक फैसले
ज्योतिषाचार्या का मानना है कि आने वाले समय में सरकार आर्थिक स्थिति को संभालने के लिए कुछ बड़े और रक्षात्मक फैसले ले सकती है। हालांकि, इन परिस्थितियों के बीच आम लोगों को कामकाज और करियर में धीमापन या ठहराव महसूस हो सकता है।
विशेष रूप से छोटे कारोबार, निजी नौकरी और मध्यम वर्ग पर इसका असर ज्यादा देखने को मिल सकता है।
अगले 6 महीनों में धीमी पड़ सकती है आर्थिक रफ्तार
विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान ग्रह स्थिति व्यापार, बैंकिंग, शिक्षा, कानून व्यवस्था और प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े क्षेत्रों पर असर डाल सकती है। अगले छह महीनों में आर्थिक गतिविधियों की गति धीमी पड़ने की आशंका जताई गई है।
सोना, चांदी, तेल और गैस जैसी कमोडिटी की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, जिससे महंगाई का दबाव और बढ़ सकता है।
AI और मंदी से बढ़ सकती है नौकरी की चिंता
ज्योतिषाचार्या ने कहा कि मंगल और राहु का प्रभाव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल को तेजी से बढ़ा सकता है। इसके कारण कई सेक्टरों में नौकरियों पर असर पड़ने की संभावना है।
उन्होंने संकेत दिए कि आने वाले समय में कंपनियां ऑटोमेशन और AI की तरफ तेजी से बढ़ सकती हैं, जिससे कुछ क्षेत्रों में नौकरी जाने और मंदी जैसी स्थिति बनने का खतरा बढ़ सकता है।
अक्टूबर से दिसंबर के बीच हो सकते हैं बड़े बदलाव
ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर 2026 के दौरान आर्थिक और बाजार स्थितियों में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। इस दौरान तेल, गैस, पेट्रोल और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों में और तेजी आने की आशंका जताई गई है।
साथ ही सोने और चांदी के दामों में भी बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
कब सुधर सकते हैं हालात?
ज्योतिषाचार्या स्वाति सक्सेना के मुताबिक दिसंबर 2026 से मार्च 2027 के बीच आर्थिक स्थिति में कुछ सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। उनका कहना है कि मार्च 2027 के बाद हालात धीरे-धीरे बेहतर होने की संभावना है।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले महीनों में निवेश, खर्च और नौकरी को लेकर लोगों को सोच-समझकर फैसले लेने चाहिए।
