नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने केंद्र सरकार को रिकॉर्ड 2.86 लाख करोड़ रुपये का डिविडेंड देने का ऐलान किया है। यह अब तक का सबसे बड़ा डिविडेंड ट्रांसफर माना जा रहा है। पिछले साल की तुलना में यह रकम करीब 7 फीसदी ज्यादा है। हालांकि सरकार को 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक की उम्मीद थी, लेकिन इसके बावजूद यह राशि केंद्र सरकार के लिए बड़ी राहत लेकर आई है।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण सरकार पर वित्तीय दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में आरबीआई से मिली यह बड़ी रकम सरकार की आर्थिक योजनाओं को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
1. वेल्फेयर स्कीम्स पर बढ़ सकता है खर्च
आरबीआई से मिलने वाला डिविडेंड सरकार की नॉन-टैक्स इनकम का हिस्सा होता है। इस अतिरिक्त रकम से सरकार को गरीबों और मध्यम वर्ग के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं पर ज्यादा खर्च करने में मदद मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती महंगाई और महंगे क्रूड ऑयल के बीच यह फंड सरकार के लिए राहत का काम करेगा। इससे राशन, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास और अन्य सामाजिक योजनाओं को मजबूती मिल सकती है।
2. इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को मिलेगा बूस्ट
केंद्र सरकार ने चालू वित्त वर्ष में करीब ₹12.2 लाख करोड़ के कैपिटल एक्सपेंडिचर यानी पूंजीगत खर्च का लक्ष्य रखा है। RBI का रिकॉर्ड डिविडेंड इस लक्ष्य को पूरा करने में मदद करेगा।
सरकार इस राशि का इस्तेमाल सड़क, रेलवे, मेट्रो, एयरपोर्ट और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में कर सकती है। इससे निर्माण गतिविधियां तेज होंगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
3. कम हो सकता है सरकारी कर्ज का दबाव
जब सरकार का खर्च उसकी आय से ज्यादा होता है, तो उसे बाजार से उधार लेना पड़ता है। ज्यादा उधारी का असर ब्याज दरों पर पड़ता है, जिससे होम लोन, कार लोन और बिजनेस लोन महंगे हो सकते हैं।
लेकिन RBI से बड़ी रकम मिलने के बाद सरकार की उधारी की जरूरत कुछ कम हो सकती है। इससे ब्याज दरों पर दबाव घटेगा और आम लोगों को सस्ते लोन का फायदा मिल सकता है।
4. शेयर बाजार को मिल सकता है सपोर्ट
RBI ने डिविडेंड का ऐलान बाजार बंद होने के बाद किया। अब निवेशकों की नजर अगले कारोबारी सत्र पर रहेगी। माना जा रहा है कि इस खबर से शेयर बाजार का सेंटीमेंट मजबूत हो सकता है।
पिछले साल भी RBI के बड़े डिविडेंड ऐलान के बाद बाजार में तेजी देखने को मिली थी। इस बार भी बैंकिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और सरकारी कंपनियों के शेयरों में सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है। इससे रिटेल निवेशकों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।
क्यों अहम है RBI का यह डिविडेंड?
विशेषज्ञों के अनुसार, यह रिकॉर्ड डिविडेंड सरकार के लिए आर्थिक मजबूती का संकेत है। इससे सरकार को अपने वित्तीय लक्ष्य हासिल करने, विकास परियोजनाओं को गति देने और महंगाई के दबाव से निपटने में मदद मिलेगी।
साथ ही इसका सकारात्मक असर अर्थव्यवस्था, रोजगार, इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश माहौल पर भी देखने को मिल सकता है।
