भारत का महत्वाकांक्षी एडवांस मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) प्रोग्राम तेजी से नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन यानी Defence Research and Development Organisation के तहत काम कर रही एरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) ने स्टील्थ फाइटर जेट तकनीक में बड़ी सफलता हासिल की है। नई तकनीकी प्रगति के बाद AMCA अब पहले से ज्यादा शक्तिशाली, तेज और दुश्मन के रडार से लगभग अदृश्य बनने की दिशा में आगे बढ़ चुका है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत अब ऐसे स्टील्थ फाइटर जेट विकसित कर रहा है जो भविष्य में अमेरिकी Lockheed Martin F-35 Lightning II और रूसी Sukhoi Su-57 जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों को भी चुनौती दे सकते हैं।
AMCA प्रोजेक्ट में मिली बड़ी तकनीकी सफलता
भारत के वैज्ञानिकों ने AMCA के इंजन एयर-इनटेक डिजाइन में अहम सफलता हासिल की है। स्टील्थ विमानों की सबसे बड़ी चुनौती होती है इंजन के अंदर मौजूद कंप्रेसर ब्लेड को दुश्मन के रडार से छिपाना। ये ब्लेड रडार सिग्नल को तेज़ी से रिफ्लेक्ट करते हैं, जिससे विमान की स्टील्थ क्षमता कमजोर पड़ सकती है।
इस समस्या से बचने के लिए इंजीनियर “S-Duct” या सर्पेंटाइन एयर इनटेक सिस्टम का इस्तेमाल करते हैं। इसका डिजाइन अंदर की तरफ मुड़ा हुआ होता है, जिससे रडार सीधे इंजन तक नहीं पहुंच पाता।
हालांकि यह डिजाइन स्टील्थ क्षमता तो बढ़ाता है, लेकिन हवा के प्रवाह में रुकावट और इंजन दक्षता कम होने जैसी समस्याएं भी पैदा करता है।
98% एयर प्रेशर रिकवरी हासिल
नई रिसर्च के अनुसार भारतीय वैज्ञानिकों ने ऐसा एडवांस S-Duct डिजाइन तैयार किया है जो ट्रांसोनिक स्पीड पर लगभग 98 प्रतिशत एयर प्रेशर रिकवरी हासिल करने में सफल रहा है। इसका मतलब है कि इंजन तक पहुंचने वाली हवा की ऊर्जा लगभग पूरी तरह सुरक्षित रहती है।
यह उपलब्धि इसलिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि स्टील्थ फाइटर जेट्स में वक्राकार एयर डक्ट के कारण आमतौर पर ऊर्जा का नुकसान हो जाता है। लेकिन AMCA के नए डिजाइन ने इस चुनौती को काफी हद तक हल कर दिया है।
क्यों अहम है यह सफलता?
अगर इंजन तक हवा असमान तरीके से पहुंचे तो कंप्रेसर स्टॉल जैसी गंभीर समस्या हो सकती है, जिससे इंजन फेल होने का खतरा बढ़ जाता है। नई तकनीक से AMCA को बेहतर स्पीड, ज्यादा स्थिरता और लंबी ऑपरेशनल क्षमता मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक भारत के स्टील्थ फाइटर प्रोग्राम को मजबूत तकनीकी आधार प्रदान करेगी।
अब मिलेगा एडवांस IRST सिस्टम
AMCA में सिर्फ स्टील्थ तकनीक ही नहीं, बल्कि आधुनिक ट्रैकिंग सिस्टम भी लगाया जा रहा है। भारत इस लड़ाकू विमान में अत्याधुनिक IRST यानी Infrared Search and Track सिस्टम जोड़ने जा रहा है।
यह तकनीक बिना कोई रेडियो या रडार सिग्नल भेजे दुश्मन के विमान का पता लगाने में सक्षम होती है। खास बात यह है कि यह सिस्टम रडार से बच निकलने वाले स्टील्थ फाइटर जेट्स को भी ट्रैक कर सकता है।
कैसे काम करता है IRST सिस्टम?
IRST सिस्टम इंजन से निकलने वाली गर्मी और विमान की सतह से पैदा होने वाले हीट सिग्नेचर को पहचानता है। AMCA में लगाया जाने वाला सिस्टम ड्यूल-बैंड टेक्नोलॉजी पर आधारित होगा, जो Mid-Wave Infrared (MWIR) और Long-Wave Infrared (LWIR) दोनों स्पेक्ट्रम में काम करेगा।
इससे दुश्मन के स्टील्थ एयरक्राफ्ट की पहचान करना ज्यादा आसान हो जाएगा।
F-35 और F-22 जैसे जेट्स भी होंगे ट्रैक
रिपोर्ट्स के अनुसार यह नई IRST तकनीक अमेरिकी Lockheed Martin F-22 Raptor और F-35 जैसे स्टील्थ फाइटर्स को भी लंबी दूरी से पहचानने में सक्षम हो सकती है।
यह क्षमता भारतीय वायुसेना के लिए बेहद रणनीतिक मानी जा रही है, खासकर उन परिस्थितियों में जहां रडार इस्तेमाल करना जोखिम भरा हो।
AMCA की खासियतें क्या होंगी?
भारत का AMCA फाइटर जेट कई एडवांस फीचर्स के साथ तैयार किया जा रहा है:
- स्टील्थ डिजाइन
- डुअल इंजन सिस्टम
- सुपरक्रूज क्षमता
- इंटरनल वेपन बे
- एडवांस सेंसर फ्यूजन
- AI आधारित एवियोनिक्स
- इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम
कब तक तैयार होगा AMCA?
सरकारी योजनाओं के अनुसार AMCA का पहला प्रोटोटाइप 2028-29 तक तैयार किया जा सकता है। भारतीय वायुसेना में इसे 2035 तक शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है।
करीब ₹15,803 करोड़ की इस परियोजना के लिए आंध्र प्रदेश के पुट्टपर्थी में आधुनिक कोर इंटीग्रेशन और टेस्टिंग सेंटर भी बनाया जा रहा है।
भारत की रक्षा ताकत में बड़ा बदलाव
विशेषज्ञों का मानना है कि AMCA सिर्फ एक लड़ाकू विमान नहीं, बल्कि भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता की सबसे बड़ी छलांग साबित हो सकता है। यह परियोजना भारत को दुनिया के चुनिंदा देशों की सूची में शामिल करेगी जो खुद का पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर जेट विकसित करने में सक्षम हैं।
