Who is Salim Wastik: 26 साल से फरार कातिल की कहानी, पहचान बदली, खुद को ‘मृत’ दिखाया और बन गया यूट्यूबर
यह कहानी किसी क्राइम थ्रिलर फिल्म की तरह लग सकती है, लेकिन असलियत इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली है। एक ऐसा आरोपी जिसने अपने गुनाह छिपाने के लिए न सिर्फ पहचान बदली, बल्कि कागजों में खुद को मृत घोषित कर दिया और 26 साल तक पुलिस से बचता रहा। आखिरकार दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उसे गिरफ्तार कर लिया और उसके असली चेहरे से पर्दा उठाया।
🕵️♂️ मार्शल आर्ट्स टीचर से बना कातिल
20 जनवरी 1995 का दिन एक परिवार के लिए त्रासदी बन गया। 13 वर्षीय संदीप बंसल स्कूल के लिए घर से निकला, लेकिन वापस नहीं लौटा। कुछ समय बाद परिवार को फिरौती के लिए फोन आया।
जांच के दौरान पुलिस को संदेह संदीप के ही मार्शल आर्ट्स शिक्षक सलीम खान पर हुआ। पूछताछ में सामने आया कि उसने अपने साथी के साथ मिलकर पैसों के लालच में बच्चे का अपहरण किया और बाद में उसकी हत्या कर शव को मुस्तफाबाद इलाके में फेंक दिया।
🧾 सजा, पैरोल और फरारी की साजिश
इस जघन्य अपराध के लिए उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। लेकिन साल 2000 में पैरोल मिलने के बाद उसने फरार होकर एक नई साजिश रची।
उसने अपनी पहचान बदल ली और खुद को दस्तावेजों में मृत घोषित करवा दिया। इसके बाद वह सलीम खान से ‘सलीम वास्तिक’ बन गया और नई जिंदगी शुरू कर दी।
🧑💻 नई पहचान: दुकानदार से यूट्यूबर तक
फरारी के बाद वह हरियाणा होते हुए गाजियाबाद के लोनी इलाके में बस गया, जहां उसने कपड़ों का कारोबार शुरू किया।
धीरे-धीरे वह सोशल मीडिया पर सक्रिय हुआ और खुद को ‘Ex-Muslim’ बताने वाला यूट्यूबर और एक्टिविस्ट बन गया। उसकी पहचान एक सोशल मीडिया पर्सनैलिटी के रूप में बनने लगी, जबकि उसका अतीत छिपा रहा।
🎬 फिल्म बनने वाली थी जिंदगी पर
उसकी कहानी इतनी चर्चित हो गई कि एक फिल्म निर्माता ने उस पर बायोपिक बनाने के लिए करीब ₹15 लाख का एडवांस भी दे दिया।
फरवरी 2026 में उस पर जानलेवा हमला भी हुआ, जिसमें वह बच गया। उस वक्त तक उसे शायद लगा कि उसका पुराना अपराध पूरी तरह दब चुका है।
🚔 पुलिस ने ऐसे किया पर्दाफाश
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच पुराने फरार अपराधियों की तलाश में जुटी हुई थी। तकनीकी निगरानी और पुख्ता जानकारी के आधार पर टीम आखिरकार सलीम तक पहुंच गई।
1995 के रिकॉर्ड से उसकी पहचान मिलाई गई और उसके शारीरिक निशान भी पुराने आरोपी से मेल खा गए। इसी के साथ 26 साल से फरार यह आरोपी पुलिस के शिकंजे में आ गया।
⚖️ निष्कर्ष
यह मामला दिखाता है कि चाहे कोई अपराधी कितनी भी चालाकी से अपनी पहचान बदल ले, कानून की नजर से बच पाना आसान नहीं होता। तीन दशक पुराने इस केस में आरोपी की गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है।
