Gold Price Prediction: अमेरिका-ईरान तनाव के बीच क्यों गिरा सोना? आगे क्या रहेगा ट्रेंड
आम तौर पर युद्ध और वैश्विक तनाव के समय सोना सुरक्षित निवेश (Safe Haven) माना जाता है और इसकी कीमतें बढ़ती हैं। लेकिन इस बार स्थिति उलट दिखाई दे रही है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बावजूद सोने की कीमतों में तेजी नहीं, बल्कि गिरावट देखने को मिल रही है।
वार्ता विफल होते ही गिरा सोना
12 अप्रैल 2026 को इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच करीब 21 घंटे चली बातचीत बेनतीजा रही। इसका असर तुरंत बाजार पर दिखा।
सोमवार को:
- स्पॉट गोल्ड करीब 0.4% गिरकर $4,726.64 प्रति औंस पर आ गया
- Multi Commodity Exchange (MCX) पर मई फ्यूचर्स लगभग ₹1,050–₹1,100 गिरकर ₹1,50,160 प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गए
- चांदी की कीमतों में भी 2% से ज्यादा गिरावट दर्ज की गई
पिछले कुछ समय में सोना कुल मिलाकर करीब 11% तक टूट चुका है।
क्यों नहीं बढ़ रहा सोना?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस समय बाजार पर “Inflation Shock” यानी महंगाई का दबाव इतना ज्यादा है कि वह सोने की सुरक्षित निवेश वाली छवि को कमजोर कर रहा है।
ऐसे में निवेशक फिलहाल सोने से दूरी बना रहे हैं।
गिरावट के पीछे 3 बड़े कारण
1. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ते ही कच्चा तेल $100 प्रति बैरल के पार पहुंच गया।
तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है, जिससे सोने की मांग पर दबाव पड़ता है।
2. ब्याज दरों को लेकर चिंता
महंगाई बढ़ने के संकेतों के चलते यह अनुमान लगाया जा रहा है कि Federal Reserve इस साल ब्याज दरों में कटौती नहीं करेगा।
चूंकि सोना ब्याज नहीं देता, इसलिए ऊंची ब्याज दरों के दौर में निवेशक अन्य विकल्पों की ओर रुख करते हैं।
3. मजबूत डॉलर
वैश्विक अनिश्चितता के बीच निवेशक अमेरिकी डॉलर को ज्यादा सुरक्षित मान रहे हैं।
डॉलर मजबूत होने से सोना अन्य मुद्राओं के निवेशकों के लिए महंगा हो जाता है, जिससे इसकी मांग घटती है।
क्या फिर बढ़ेगा सोना?
हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट स्थायी नहीं भी हो सकती।
- अगर तनाव और बढ़ता है
- या कोई बड़ा भू-राजनीतिक संकट सामने आता है
तो निवेशक फिर से सोने की ओर लौट सकते हैं और कीमतों में तेजी आ सकती है।
दूसरी तरफ, अगर तेल की कीमतें और महंगाई बढ़ती रही, तो सोना कुछ समय तक दबाव में रह सकता है।
निवेशकों के लिए क्या है रणनीति?
फिलहाल बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है, इसलिए:
👉 निवेशकों को जल्दबाजी से बचना चाहिए
👉 “Wait and Watch” रणनीति अपनाना बेहतर रहेगा
👉 नजर रखें:
- कच्चे तेल की कीमतों पर
- ब्याज दरों पर
- वैश्विक राजनीतिक घटनाओं पर
निष्कर्ष
अमेरिका-ईरान तनाव के बावजूद सोने में आई गिरावट यह दिखाती है कि इस समय बाजार कई फैक्टर्स से प्रभावित हो रहा है। आने वाले दिनों में सोने की दिशा काफी हद तक महंगाई, डॉलर और वैश्विक हालात पर निर्भर करेगी।
