Gold Price Hike : सोने की कीमतें जारी तेजी थमने का नाम नहीं ले रही है. सोना पिछले छह सप्ताह में प्रति दस ग्राम ₹8,350 पैसे बढ़ चुका है. हर दिन सोने का भाव करीब 200 रुपये बढ़ रहा है. ऐसे में आइए नीचे खबर में एक्सपर्ट के मुताबिक जान लेते है कि आखिर कहां जाकर ठहर सकते है सोने के रेट-
सोने की कीमतें जारी तेजी थमने का नाम नहीं ले रही है. सोना पिछले छह सप्ताह में प्रति दस ग्राम ₹8,350 पैसे बढ़ चुका है. हर दिन सोने का भाव करीब 200 रुपये बढ़ रहा है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना ₹85,279 प्रति 10 ग्राम का नया शिखर छू चुका है. (Gold price)
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने की कीमत में 29 फीसदी तक की वृद्धि हुई है और इसे 2,886 डॉलर प्रति औंस तक पार पहुंच गया है. विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी टैरिफ नीति, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और भारतीय रुपये की कमजोरी की वजह से सोना दौड़ रहा है. (Today Gold Price)
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि 2024 में वैश्विक सोने की मांग 1% बढ़कर 4,974.5 मीट्रिक टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई. इसमें निवेशकों की बढ़ी हुई रुचि और केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की खरीदारी शामिल है. बाजार जानकारों का कहना है कि दीर्घकालिक दृष्टि से सोने की कीमतों में वृद्धि की संभावना बनी हुई है. (sone ke taaza daam)
क्यों आया सोने में उछाल-
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के कमोडिटी (HDFC Securities Commodities) और करेंसी प्रमुख अनुज गुप्ता के मुताबिक, दिसंबर 2024 के अंतिम सप्ताह से सोने की कीमतों में तेजी आना शुरू हुई थी. इसी बीच यूएस फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावनाएं बढ़ी. इसके बाद डोनाल्ड ट्रंप (Donald trump) के राष्ट्रपति बनने के साथ ही सोने की कीमतों में और भी तेजी आ गयी.
एसएस वेल्थस्ट्रीट की संस्थापक सुगंधा सचदेवा का कहना है कि ट्रंप प्रशासन द्वारा चीन पर 10% आयात शुल्क और कनाडा एवं मैक्सिको पर 25% आयात शुल्क लगाने की धमकी ने निवेशकों को सोने की ओर आकर्षित किया. इससे अमेरिका और चीन के बीच व्यापार युद्ध की चिंताओं में वृद्धि हुई, जिससे सोने की मांग बढ़ी.
भारतीय रुपये की कमजोरी-
घरेलू बाजार (Domestic Market) में भारतीय रुपये में गिरावट ने सोने की कीमतों में वृद्धि को प्रेरित किया है. कमजोर रुपया आयातित वस्तुओं, विशेषकर सोने, को महंगा बनाता है, जिससे कीमतों पर दबाव बढ़ता है. इसके अलावा, मध्य पूर्व में चल रहे तनाव, खासकर गाजा पट्टी में अमेरिका की नीतियों के प्रति अनिश्चितता ने भी सोने की मांग को प्रभावित किया है. इस परिस्थितियों में निवेशक सुरक्षित निवेश के लिए सोने को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिससे इसकी कीमतों में और इजाफा हो रहा है.
केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में कटौती-
बैंक ऑफ इंग्लैंड, यूरोपीय सेंट्रल बैंक, बैंक ऑफ कनाडा और भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) ने हाल के महीनों में ब्याज दरों में कटौती की है. इससे बॉन्ड यील्ड घटा है और निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की ओर बढ़े हैं.
क्या अभी सोना खरीदना सही रहेगा?
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के अनुज गुप्ता के मुताबिक, अमेरिका की बेरोजगारी दर में कमजोरी आर्थिक अनिश्चितता को दर्शा रही है. यह स्थिति निवेशकों को सुरक्षित संपत्ति (properrty) की ओर आकर्षित कर सकती है, जिससे सोने की कीमतों (sone ki keematein) को मजबूती मिल सकती है. इस कारण सोने की मांग बढ़ सकती है.
