ट्रेन यात्रा में सबसे ज्यादा पसंद की जाती है साइड लोअर सीट
रेल यात्रा का मजा तब और बढ़ जाता है जब आपको अपनी पसंद की सीट मिल जाए। खासकर साइड लोअर बर्थ (Side Lower Berth) यात्रियों की पहली पसंद होती है। दिन में आराम से बैठकर बाहर के खूबसूरत नजारों का आनंद लिया जा सकता है और रात में बिना ज्यादा व्यवधान के आरामदायक नींद भी मिलती है।
कई लोगों को लगता है कि साइड लोअर सीट मिलना पूरी तरह किस्मत पर निर्भर करता है, लेकिन हकीकत में IRCTC की कुछ सुविधाओं और रेलवे के सीट आवंटन नियमों को समझकर इस सीट को पाने की संभावना काफी बढ़ाई जा सकती है।
1. IRCTC में Berth Preference का सही इस्तेमाल करें
टिकट बुकिंग के दौरान अधिकांश यात्री केवल नाम और यात्रा विवरण भरकर आगे बढ़ जाते हैं, जबकि सीट चयन का विकल्प काफी महत्वपूर्ण होता है।
जब आप IRCTC ऐप या वेबसाइट पर टिकट बुक करते हैं, तो “Berth Preference” सेक्शन में जाकर Side Lower (SL) का चयन करें।
इसके साथ ही नीचे दिए गए विकल्प “Book only if preferred berth is allotted” को भी चुन सकते हैं। इस विकल्प को सक्रिय करने पर सिस्टम पहले आपकी पसंदीदा सीट उपलब्ध कराने की कोशिश करेगा। यदि साइड लोअर सीट उपलब्ध नहीं होगी, तो टिकट बुक नहीं किया जाएगा।
यह फीचर उन यात्रियों के लिए उपयोगी है जो किसी भी कीमत पर अपनी पसंद की सीट चाहते हैं।
2. Senior Citizen और Ladies Quota का लाभ उठाएं
भारतीय रेलवे कुछ विशेष श्रेणियों के यात्रियों के लिए लोअर और साइड लोअर सीटों को प्राथमिकता देता है।
इन श्रेणियों में शामिल हैं:
- 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के पुरुष
- 45 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाएं
- गर्भवती महिलाएं
यदि आप माता-पिता, दादा-दादी या वरिष्ठ नागरिकों के लिए टिकट बुक कर रहे हैं, तो संबंधित कोटा का चयन करना फायदेमंद हो सकता है। ऐसे मामलों में रेलवे का सिस्टम लोअर और साइड लोअर सीट आवंटित करने को प्राथमिकता देता है।
3. एडवांस बुकिंग से बढ़ जाते हैं मौके
सीट आवंटन प्रक्रिया में बुकिंग का समय भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
जब ट्रेन में सीटें पर्याप्त संख्या में उपलब्ध होती हैं, तब सिस्टम आपकी सीट प्राथमिकता को आसानी से स्वीकार कर सकता है। इसलिए यात्रा की तारीख से काफी पहले टिकट बुक कराने पर साइड लोअर सीट मिलने की संभावना अधिक रहती है।
जैसे-जैसे सीटें भरती जाती हैं, पसंदीदा बर्थ मिलने की संभावना कम होती जाती है।
4. चार्ट बनने के बाद खाली सीटों पर नजर रखें
कई बार कुछ आरक्षित सीटें अंतिम समय तक खाली रह जाती हैं। इनमें वरिष्ठ नागरिक कोटा या अन्य विशेष श्रेणियों की सीटें भी शामिल हो सकती हैं।
ट्रेन का पहला चार्ट तैयार होने के बाद IRCTC के “Chart/Vacancy” या “Train Berth Availability” सेक्शन में जाकर खाली सीटों की जानकारी देखी जा सकती है।
यदि कोई साइड लोअर सीट उपलब्ध दिखाई देती है, तो उसे Current Booking के माध्यम से बुक करने का अवसर मिल सकता है।
क्या साइड लोअर सीट मिलने की गारंटी होती है?
यह समझना जरूरी है कि सीट आवंटन पूरी तरह भारतीय रेलवे के कंप्यूटरीकृत सिस्टम और उपलब्ध सीटों पर निर्भर करता है। ऊपर बताए गए तरीकों से केवल साइड लोअर सीट मिलने की संभावना बढ़ाई जा सकती है, लेकिन इसकी 100% गारंटी नहीं दी जा सकती।
निष्कर्ष
यदि आप अगली ट्रेन यात्रा में साइड लोअर सीट पाना चाहते हैं, तो टिकट बुकिंग के समय सही बर्थ प्रेफरेंस चुनें, एडवांस बुकिंग करें और जरूरत पड़ने पर विशेष कोटा का लाभ लें। साथ ही चार्ट बनने के बाद खाली सीटों की जानकारी भी नियमित रूप से चेक करें। इन आसान उपायों से आपकी पसंदीदा साइड लोअर सीट मिलने की संभावना काफी बढ़ सकती है और सफर पहले से ज्यादा आरामदायक बन सकता है।
