आज पूरे देश में अक्षय तृतीया का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। हिंदू पंचांग में यह दिन अत्यंत शुभ माना जाता है और इसे अबूझ मुहूर्त भी कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन किए गए शुभ कार्य—जैसे पूजा, दान या निवेश—का फल अक्षय यानी कभी समाप्त न होने वाला होता है। यही वजह है कि लोग इस दिन सोना-चांदी खरीदने और नए काम शुरू करने को खास महत्व देते हैं।
सुबह का शुभ चौघड़िया (Best Time in Morning)
सुबह के समय चर, लाभ और अमृत के योग बन रहे हैं, जो खरीदारी और शुभ कार्यों के लिए बेहद अनुकूल माने जाते हैं:
- ⏰ सुबह 10:49 बजे से दोपहर 12:38 बजे तक
दोपहर का शुभ समय (Afternoon Muhurat)
अपराह्न में शुभ चौघड़िया बन रहा है, जो किसी भी नए काम की शुरुआत के लिए अच्छा माना जाता है:
- ⏰ दोपहर 02:13 बजे से 03:47 बजे तक
शाम का प्रभावशाली मुहूर्त (Evening Timing)
शाम के समय शुभ, अमृत और चर तीनों योग बन रहे हैं, जो इस अवधि को खास बनाते हैं:
- ⏰ शाम 06:57 बजे से रात 11:12 बजे तक
रात्रि चौघड़िया (Night Muhurat)
रात में भी कुछ खास समय ऐसे हैं जो लाभ और सफलता का संकेत देते हैं:
- 🌙 लाभ चौघड़िया: 20 अप्रैल रात 02:02 बजे से 03:28 बजे तक
- 🌅 उषाकाल अमृत योग: 20 अप्रैल सुबह 06:18 बजे से 07:27 बजे तक
पूजा का विशेष मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, अक्षय तृतीया पर पूजा के लिए सबसे शुभ समय लगभग 1 घंटा 49 मिनट का है:
- 🙏 पूजा समय: 19 अप्रैल सुबह 10:49 बजे से दोपहर 12:38 बजे तक
इस दौरान भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करना विशेष रूप से फलदायी माना जाता है।
अक्षय तृतीया का महत्व
इस पावन दिन पर सोना-चांदी खरीदना, दान करना और नए कार्यों की शुरुआत करना अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन किया गया हर कार्य जीवन में स्थायी समृद्धि, सफलता और सकारात्मक ऊर्जा लाता है।
यदि इन कार्यों को सही चौघड़िया मुहूर्त में किया जाए, तो उनका शुभ प्रभाव और भी बढ़ जाता है।
