केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। सरकार ने महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) में 2% की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस फैसले पर मुहर लगी। इस निर्णय से करीब 50 लाख से अधिक कर्मचारियों और 68 लाख से ज्यादा पेंशनर्स को सीधा लाभ मिलेगा।
अब DA की दर 58% से बढ़कर 60% हो गई है, जो 7वें वेतन आयोग के तहत तय फॉर्मूले के अनुसार लागू की गई है।
कब से मिलेगा बढ़ा हुआ DA?
सरकार के मुताबिक, नई दरें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी। यानी कर्मचारियों को जनवरी से अप्रैल तक का एरियर भी मिलेगा। यह बढ़ी हुई राशि आने वाले 2–3 महीनों में सैलरी के साथ मिल सकती है।
इस फैसले से सरकारी खजाने पर सालाना करीब ₹6,791 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
₹50,000 बेसिक सैलरी पर कितना फायदा?
DA हमेशा बेसिक सैलरी के प्रतिशत के रूप में दिया जाता है। उदाहरण के तौर पर:
- पहले (58% DA): ₹50,000 × 58% = ₹29,000
- अब (60% DA): ₹50,000 × 60% = ₹30,000
👉 यानी हर महीने ₹1,000 का अतिरिक्त फायदा
👉 सालभर में कुल ₹12,000 की बढ़ोतरी
यह सीधा इजाफा आपकी इनकम में जुड़ता है, जिससे खर्चों को संभालने में मदद मिलती है।
DA कैसे तय होता है?
महंगाई भत्ता एक तय फॉर्मूले के आधार पर निर्धारित किया जाता है। यह श्रम मंत्रालय द्वारा जारी AICPI-IW (अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक) के 12 महीने के औसत पर आधारित होता है।
आमतौर पर सरकार साल में दो बार—जनवरी और जुलाई—DA में संशोधन करती है। जुलाई 2025 में भी DA को 54% से बढ़ाकर 58% किया गया था।
8वें वेतन आयोग को लेकर क्या अपडेट?
DA बढ़ोतरी के साथ ही 8वें वेतन आयोग को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
Manjeet Singh Patel और अन्य कर्मचारी संगठनों के अनुसार:
- भविष्य में DA को बेसिक पे में मर्ज किया जा सकता है
- DA की गणना के लिए 12 महीने की बजाय 6 महीने के औसत का सुझाव दिया गया है
- यदि DA/DR 25% से अधिक हो, तो इसे बेसिक वेतन/पेंशन में शामिल करने की मांग भी उठी है
कर्मचारियों के लिए क्या है मतलब?
यह बढ़ोतरी भले ही प्रतिशत में छोटी लगे, लेकिन नियमित इजाफा कर्मचारियों की क्रय शक्ति बनाए रखने में मदद करता है। बढ़ती महंगाई के बीच यह राहत सीधे जेब पर असर डालती है।
