देश की राजधानी दिल्ली में सोमवार को सोने की कीमतों में ज्यादा बदलाव देखने को नहीं मिला, जबकि चांदी के भाव में तेजी दर्ज की गई। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार रुपये की कमजोरी और चांदी के आयात पर सरकार की सख्ती का असर घरेलू बाजार में साफ नजर आया है। आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
चांदी के दाम में बढ़ोतरी
ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार सोमवार को चांदी की कीमत ₹1,000 बढ़कर ₹2,76,000 प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स सहित) पहुंच गई। इससे पहले शुक्रवार को इसका भाव ₹2,75,000 प्रति किलो था।
वहीं 24 कैरेट शुद्धता वाला सोना ₹1,62,800 प्रति 10 ग्राम पर स्थिर बना रहा। यानी सोने के दाम में दिनभर कोई बड़ा बदलाव दर्ज नहीं किया गया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोरी, फिर भी घरेलू बाजार मजबूत
विशेषज्ञों का कहना है कि ग्लोबल मार्केट में कमजोरी के बावजूद भारतीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट नहीं आई। इसकी मुख्य वजह भारतीय रुपये का कमजोर होना है।
रुपये की कमजोरी से बढ़ा दबाव
HDFC Securities के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी के मुताबिक डॉलर के मुकाबले रुपया करीब 96.37 के रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंच गया। रुपये की इस कमजोरी के कारण सोने और चांदी का आयात महंगा हो गया, जिससे घरेलू कीमतों को सपोर्ट मिला।
उन्होंने बताया कि पिछले कारोबारी सत्र में आई गिरावट के बाद सोमवार को बाजार में स्थिरता देखने को मिली।
सरकार की सख्ती से चांदी के बाजार में हलचल
केंद्र सरकार द्वारा चांदी के आयात पर सख्ती बढ़ाने का असर भी बाजार में दिखाई दिया। सरकार ने लगभग सभी प्रकार की चांदी के इंपोर्ट पर तत्काल प्रभाव से नियंत्रण कड़ा कर दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे घरेलू बाजार में चांदी की सप्लाई कम हो सकती है, जिसके कारण आने वाले समय में चांदी के दाम और बढ़ सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्या रहा हाल?
वैश्विक बाजार में स्पॉट गोल्ड हल्की गिरावट के साथ 4,535.23 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता नजर आया। वहीं चांदी करीब 1 प्रतिशत टूटकर 75.42 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई।
डॉलर और कच्चे तेल ने बढ़ाया दबाव
Mirae Asset ShareKhan के कमोडिटी हेड प्रवीण सिंह के मुताबिक अमेरिकी डॉलर और कच्चे तेल की कीमतों में मजबूती के कारण सोने पर दबाव बना हुआ है।
उन्होंने बताया कि अमेरिका और चीन के बीच हुई हालिया बैठक अपेक्षाकृत सकारात्मक माहौल में खत्म हुई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्यापार, तकनीक और टैरिफ जैसे संवेदनशील मुद्दों को बैठक में प्रमुखता से नहीं उठाया, जिससे वैश्विक बॉन्ड यील्ड बढ़ी और सोने पर दबाव और बढ़ गया।
आगे क्या रहेगा बाजार का रुख?
LKP Securities के रिसर्च एनालिस्ट जतीन त्रिवेदी का कहना है कि अब बाजार की नजर अमेरिका-ईरान तनाव, डॉलर इंडेक्स और रुपये की चाल पर बनी रहेगी। आने वाले दिनों में यही फैक्टर्स तय करेंगे कि सोने और चांदी की कीमतें किस दिशा में जाएंगी।
विशेषज्ञों के अनुसार निवेशकों को फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच सावधानी से निवेश करने की जरूरत है।
