केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी खबर सामने आई है। हाल ही में आयोजित राष्ट्रीय परिषद-संयुक्त परामर्श तंत्र (NC-JCM) की 49वीं वार्षिक बैठक में कर्मचारियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। इस बैठक की अध्यक्षता कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन ने की, जिसमें कर्मचारी संगठनों ने 8वें वेतन आयोग, पुरानी पेंशन योजना (OPS), प्रमोशन नियम, लंबित कोर्ट केस और कर्मचारियों की कमी जैसे अहम विषयों पर अपनी मांगें सरकार के सामने रखीं।
8वें वेतन आयोग को लेकर कर्मचारियों की बड़ी मांग
बैठक में कर्मचारी संगठनों ने बताया कि उन्होंने 8वें वेतन आयोग के लिए अपना विस्तृत मांग पत्र तैयार कर सरकार को सौंप दिया है। इसमें न्यूनतम वेतन बढ़ाने, फिटमेंट फैक्टर तय करने, वार्षिक वेतन वृद्धि और प्रमोशन नीति में सुधार जैसे कई अहम सुझाव शामिल किए गए हैं। कर्मचारी संगठनों ने मांग की कि सरकार इन मुद्दों पर लगातार संवाद बनाए रखे।
OPS को फिर लागू करने की उठी मांग
बैठक में पुरानी पेंशन योजना (OPS) का मुद्दा सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। कर्मचारी प्रतिनिधियों ने सरकार से मांग की कि 8वें वेतन आयोग के दायरे में OPS को वापस लाने के मुद्दे को भी शामिल किया जाए।
इसके अलावा:
- मौजूदा पेंशनर्स की पेंशन में संशोधन
- कम्यूटेड पेंशन की बहाली
- पेंशन संबंधी नियमों में सुधार
जैसे मुद्दों को भी आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस में जोड़ने की मांग की गई।
बढ़ते कोर्ट केस पर कर्मचारियों ने जताई चिंता
कर्मचारी संगठनों ने यह भी कहा कि सेवा मामलों से जुड़े हजारों केस CAT, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में वर्षों से लंबित पड़े हैं।
संगठनों का आरोप है कि कई विभाग छोटी-छोटी बातों पर भी अदालतों में अपील कर देते हैं, जिससे कर्मचारियों को अनावश्यक मानसिक और आर्थिक दबाव झेलना पड़ता है। कर्मचारियों ने 5वें वेतन आयोग की उस सिफारिश को लागू करने की मांग की, जिसमें समान मामलों में एक ही फैसला सभी कर्मचारियों पर लागू करने की बात कही गई थी।
AIIMS कर्मचारियों के लिए उठाया गया अहम मुद्दा
बैठक में AIIMS कर्मचारियों की पोस्टिंग को लेकर भी चर्चा हुई। कर्मचारी संगठनों ने कहा कि पति-पत्नी दोनों सरकारी नौकरी में होने के बावजूद कई मामलों में उन्हें अलग-अलग शहरों में पोस्टिंग दी जा रही है।
कर्मचारियों ने मांग की कि DoPT के नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए, ताकि परिवारों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
प्रमोशन और इंक्रीमेंट नियम बदलने की मांग
वर्तमान नियमों के तहत प्रमोशन के बाद कर्मचारी को अगला इंक्रीमेंट पाने के लिए कम से कम 6 महीने की सेवा पूरी करनी होती है। कर्मचारी संगठनों ने मांग की कि इस नियम में बदलाव किया जाए।
उनका कहना है कि:
- ‘डीज-नॉन’ के कारण इंक्रीमेंट रुकना उचित नहीं
- 6 महीने की जगह 180 दिन का स्पष्ट प्रावधान होना चाहिए
ताकि कर्मचारियों को अनावश्यक नुकसान न उठाना पड़े।
खाली पदों पर भर्ती की मांग तेज
रेलवे समेत कई सरकारी विभागों में कर्मचारियों की भारी कमी का मुद्दा भी बैठक में उठाया गया। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि लगातार बढ़ते काम के बावजूद नई भर्तियां नहीं हो रही हैं, जिससे मौजूदा कर्मचारियों पर काम का अत्यधिक दबाव पड़ रहा है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि:
- खाली पदों पर जल्द स्थायी भर्ती हो
- आउटसोर्सिंग और प्राइवेटाइजेशन पर रोक लगे
- विभागों में पर्याप्त मैनपावर उपलब्ध कराया जाए
कर्मचारियों की उम्मीदें बढ़ीं
यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि यह 8वें वेतन आयोग के गठन से पहले आयोजित हुई है। कर्मचारियों को उम्मीद है कि सरकार इन मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाएगी, जिससे आने वाले समय में वेतन, पेंशन और सेवा शर्तों में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
