नई दिल्ली: पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की मुश्किलें फिर बढ़ा दी हैं। शनिवार को तेल कंपनियों ने एक बार फिर ईंधन के दामों में बढ़ोतरी कर दी। हालांकि इस बार बढ़ोतरी एक रुपये से कम की गई है, लेकिन मई महीने में यह तीसरी बार है जब पेट्रोल-डीजल महंगे हुए हैं। बढ़ती कीमतों के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की तेजी और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को मुख्य वजह माना जा रहा है।
ईंधन की कीमतों में लगातार हो रहे इजाफे का असर अब आम आदमी के बजट पर साफ दिखाई देने लगा है। पेट्रोल और डीजल महंगे होने से ट्रांसपोर्टेशन लागत बढ़ेगी, जिसका असर खाने-पीने की चीजों से लेकर रोजमर्रा के सामान तक पर पड़ सकता है।
दिल्ली में पेट्रोल-डीजल के नए रेट
ताजा बढ़ोतरी के बाद राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 87 पैसे बढ़कर ₹99.51 प्रति लीटर पहुंच गई है। वहीं डीजल 91 पैसे महंगा होकर ₹92.49 प्रति लीटर बिक रहा है।
मई में तीसरी बार बढ़े दाम
मई 2026 में यह तीसरी बार है जब तेल कंपनियों ने ईंधन की कीमतों में इजाफा किया है। इससे पहले इसी सप्ताह पेट्रोल और डीजल के दामों में समान बढ़ोतरी की गई थी। वहीं 15 मई को दोनों ईंधनों की कीमत में ₹3 प्रति लीटर तक की बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिली थी।
2022 के बाद सबसे बड़ा असर
जानकारों के मुताबिक अप्रैल 2022 के बाद पहली बार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इतनी तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उस दौरान भी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने ईंधन के दामों में लगभग ₹10 प्रति लीटर तक इजाफा किया था।
अंतरराष्ट्रीय बाजार और ईरान संकट का असर
भारत अपनी कुल जरूरत का लगभग 85 प्रतिशत कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। ऐसे में वैश्विक बाजार में क्रूड ऑयल की कीमत बढ़ने का सीधा असर घरेलू ईंधन कीमतों पर पड़ता है।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ईरान से जुड़े हालातों के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। इसी वजह से भारत में भी पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।
मुंबई में पेट्रोल और डीजल के भाव
मुंबई में शुक्रवार, 22 मई 2026 को पेट्रोल की कीमत करीब ₹108 प्रति लीटर दर्ज की गई, जबकि डीजल का रेट ₹94 प्रति लीटर रहा।
बढ़ती कीमतों से बढ़ सकती है महंगाई
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो इसका असर देश में महंगाई पर और ज्यादा देखने को मिल सकता है। ट्रांसपोर्ट महंगा होने से फल-सब्जियों, दूध, राशन और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है।
