Gold Price Today: 4 हफ्तों की तेजी के बाद सोना फिसला, इस सप्ताह 3.5% तक गिरावट
कमोडिटी बाजार में इस हफ्ते मिला-जुला रुख देखने को मिला है। जहां कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया, वहीं सोने और चांदी की चमक कुछ फीकी पड़ती नजर आई। लगातार चार हफ्तों तक बढ़त दर्ज करने के बाद अब सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है।
📉 सोने में क्यों आई गिरावट?
इस सप्ताह सोने की कीमतों में करीब 3.5% की गिरावट दर्ज की गई। 26 अप्रैल को अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड लगभग 0.7% गिरकर 4,661.33 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।
भारत में भी इसका असर देखने को मिला, जहां Multi Commodity Exchange of India (MCX) पर गोल्ड फ्यूचर्स करीब 0.16% गिरकर ₹1,51,526 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था।
सिल्वर फ्यूचर्स भी पीछे नहीं रहा और लगभग 0.13% की गिरावट के साथ ₹2,41,257 प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गया।
🛢️ क्रूड ऑयल में तेजी का असर
सोने की गिरावट के पीछे एक बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में उछाल भी है।
- Brent Crude Futures लगभग 1.17% बढ़कर 106 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया
- WTI Crude करीब 1.12% चढ़कर 96.92 डॉलर प्रति बैरल हो गया
इस हफ्ते ब्रेंट क्रूड में कुल मिलाकर 17% से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई है। मध्यपूर्व में बढ़ते तनाव, खासकर होर्मुज स्ट्रेट के आसपास की स्थिति ने सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है, जिससे तेल की कीमतें ऊपर बनी हुई हैं।
🌍 वैश्विक तनाव और डॉलर का असर
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव और बातचीत में अनिश्चितता का सीधा असर कमोडिटी मार्केट पर पड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक दोनों देशों के बीच बातचीत में स्पष्ट प्रगति नहीं होती, तब तक बाजार में दबाव बना रह सकता है।
इसके अलावा, अमेरिकी डॉलर में मजबूती भी सोने की कीमतों पर असर डाल रही है। इस सप्ताह डॉलर इंडेक्स करीब 0.8% मजबूत हुआ है, जिससे अन्य करेंसी में सोना खरीदना महंगा हो गया है और मांग पर असर पड़ा है।
📊 ब्याज दर और इनफ्लेशन का कनेक्शन
तेल की कीमतों में तेजी से वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने का खतरा है। ऐसे में केंद्रीय बैंक, खासकर अमेरिका का फेडरल रिजर्व, ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है।
ब्याज दर बढ़ने की स्थिति में निवेशक ज्यादा रिटर्न देने वाले एसेट्स की ओर झुकते हैं, जिससे सोने जैसी सुरक्षित निवेश विकल्प की मांग कम हो जाती है।
📈 एक्सपर्ट्स का क्या कहना है?
OANDA के सीनियर मार्केट एनालिस्ट केल्विन वोंग के अनुसार, जब तक क्रूड की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहेंगी, तब तक सोने पर दबाव बना रहेगा।
फिलहाल सोना एक सीमित दायरे में ट्रेड कर रहा है और इसकी कीमत 20-डे और 50-डे मूविंग एवरेज (लगभग 4,645 से 4,900 डॉलर प्रति औंस) के बीच बनी हुई है।
💡 निवेशकों के लिए संकेत
शॉर्ट टर्म में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। हालांकि, वैश्विक अनिश्चितता के चलते लंबे समय में इनकी मांग बनी रहने की संभावना है।
⚠️ डिस्क्लेमर
यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें। बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है।
