1 मई 2026 (लेबर डे) के दिन भी भारत में सोने की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर गोल्ड फ्यूचर्स ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास या उससे नीचे के स्तर पर कारोबार करते नजर आए। हालांकि बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने से गिरावट सीमित रही। दूसरी तरफ, चांदी ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया और यह करीब ₹2.43 लाख प्रति किलोग्राम के आसपास ट्रेड कर रही है।
ग्लोबल ट्रेंड का असर जारी
घरेलू बाजार पर अंतरराष्ट्रीय संकेतों का सीधा प्रभाव देखा जा रहा है। वैश्विक स्तर पर स्पॉट गोल्ड $4,600 प्रति औंस से नीचे बना हुआ है, जबकि चांदी $74 प्रति औंस के नीचे ट्रेड कर रही है। विश्लेषकों का मानना है कि दोनों कीमती धातुएं अभी भी हाल के निचले स्तरों के करीब बनी हुई हैं।
टेक्निकल संकेत क्या कहते हैं?
मार्केट रिपोर्ट्स के अनुसार, सोना $4,650 प्रति औंस के अहम सपोर्ट लेवल के नीचे बना हुआ है, जो लगभग ₹1.51 लाख प्रति 10 ग्राम के बराबर है। अगर कमजोरी जारी रहती है, तो अगला डाउनसाइड टारगेट $4,550 प्रति औंस हो सकता है।
चांदी भी $73 के आसपास दबाव में है और अगर यह स्तर टूटता है, तो $70 प्रति औंस तक गिरावट की संभावना जताई जा रही है।
क्यों दबाव में है सोना?
सोने-चांदी की कीमतों पर कई बड़े वैश्विक फैक्टर्स असर डाल रहे हैं:
- कच्चे तेल की कीमतें $110 प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं
- अमेरिकी डॉलर मजबूत बना हुआ है
- महंगाई को लेकर चिंता बनी हुई है
इन कारणों से निवेशक बॉन्ड और अन्य ब्याज देने वाले विकल्पों की ओर झुक रहे हैं, जिससे सोने जैसे नॉन-यील्डिंग एसेट्स पर दबाव बन रहा है।
क्या आगे और गिरावट संभव है?
एक्सपर्ट्स के अनुसार, बाजार फिलहाल सतर्क मोड में है क्योंकि निवेशक प्रमुख केंद्रीय बैंकों—जैसे US फेडरल रिजर्व, यूरोपियन सेंट्रल बैंक और बैंक ऑफ इंग्लैंड—के फैसलों का इंतजार कर रहे हैं।
वेस्ट एशिया में जारी तनाव और होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े जोखिमों के चलते ऊर्जा कीमतें ऊंची बनी हुई हैं, जिससे महंगाई का खतरा बढ़ रहा है। ऐसे में ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रह सकती हैं, जो सोने के लिए नकारात्मक संकेत है।
सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल
कमोडिटी एक्सपर्ट्स के मुताबिक:
- MCX गोल्ड: सपोर्ट ₹1,49,200 और ₹1,48,400 | रेजिस्टेंस ₹1,51,100 और ₹1,52,200
- MCX सिल्वर: सपोर्ट ₹2,34,400 और ₹2,31,000 | रेजिस्टेंस ₹2,41,000 और ₹2,44,400
शॉर्ट टर्म आउटलुक
विशेषज्ञों का मानना है कि निकट अवधि में सोना ₹1,48,000 से ₹1,52,000 के दायरे में ही बना रह सकता है। ऊपरी स्तरों पर बिकवाली का दबाव है, जिससे बड़ी तेजी की संभावना फिलहाल सीमित नजर आती है।
निष्कर्ष
1 मई 2026 को भी सोना दबाव में बना हुआ है, जबकि चांदी अपेक्षाकृत स्थिर दिख रही है। आने वाले दिनों में गोल्ड और सिल्वर की दिशा ग्लोबल आर्थिक संकेतों, तेल की कीमतों और केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर निर्भर करेगी। ऐसे में निवेशकों को सतर्क रहकर बाजार की हर हलचल पर नजर रखनी चाहिए।
