देशभर के बैंक कर्मचारियों के बीच लंबे समय से चल रही 5 डे वर्किंग की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। बैंक यूनियनों ने केंद्र सरकार से सप्ताह में केवल पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की अपील की है। इस बार All India Bank Officers’ Confederation (AIBOC) ने सीधे Narendra Modi को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर जल्द फैसला लेने की मांग की है।
यूनियन का कहना है कि यह केवल कर्मचारियों की सुविधा का मामला नहीं है, बल्कि इससे ईंधन बचत, बिजली की खपत में कमी और बेहतर कार्यक्षमता जैसे राष्ट्रीय स्तर के फायदे भी जुड़े हुए हैं।
पीएम मोदी को भेजा गया पत्र
AIBOC ने 13 मई 2026 को भेजे गए अपने पत्र में कहा कि बैंकिंग सेक्टर पूरी तरह “वर्क फ्रॉम होम” मॉडल पर काम नहीं कर सकता। शाखाओं में कैश मैनेजमेंट, ग्राहक सेवा और वित्तीय लेनदेन के लिए कर्मचारियों की मौजूदगी जरूरी होती है।
ऐसे में यूनियन का मानना है कि:
- सप्ताह में पांच दिन बैंक खोलना सबसे व्यावहारिक समाधान हो सकता है
- इससे कर्मचारियों का कार्य संतुलन बेहतर होगा
- साथ ही ऑपरेशनल लागत में भी कमी आएगी
फ्यूल और बिजली बचाने का दावा
बैंक कर्मचारियों की यूनियन का कहना है कि अगर बैंक केवल पांच दिन खुलेंगे तो:
- लाखों कर्मचारियों की रोजाना यात्रा कम होगी
- पेट्रोल और डीजल की बचत होगी
- ट्रैफिक जाम कम होगा
- बिजली की खपत घटेगी
यूनियन ने इसे पर्यावरण और संसाधन बचत से जुड़ा अहम कदम बताया है।
डिजिटल बैंकिंग से ग्राहकों को नहीं होगी परेशानी
AIBOC ने अपने पत्र में यह भी कहा कि अब देश में बैंकिंग सेवाएं काफी हद तक डिजिटल हो चुकी हैं। ग्राहक आज:
- UPI
- Internet Banking
- ATM
- Cash Deposit Machine
- Mobile Banking
जैसी सुविधाओं का 24 घंटे इस्तेमाल कर रहे हैं। इसलिए बैंक हफ्ते में पांच दिन खुलने पर ग्राहकों को ज्यादा दिक्कत नहीं होगी।
RBI और LIC का भी दिया उदाहरण
यूनियन ने सरकार को याद दिलाया कि कई बड़ी वित्तीय संस्थाएं पहले से ही पांच दिन वर्किंग मॉडल पर काम कर रही हैं। इनमें शामिल हैं:
- Reserve Bank of India (RBI)
- Life Insurance Corporation of India (LIC)
- भारतीय शेयर बाजार
इसके बावजूद बैंकिंग सेक्टर अब भी छह दिन की फिजिकल उपस्थिति वाले सिस्टम पर काम कर रहा है।
पहले भी हो चुकी है चर्चा
5 डे बैंकिंग की मांग नई नहीं है। बैंक यूनियनों और Indian Banks’ Association (IBA) के बीच वेतन समझौते के दौरान भी इस मुद्दे पर कई बार बातचीत हो चुकी है।
यूनियन का दावा है कि:
- मीटिंग्स में प्रस्ताव को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली थी
- लेकिन अंतिम मंजूरी अभी तक नहीं मिल पाई है
फिलहाल क्या है नियम?
अभी देश के सरकारी और अधिकांश निजी बैंक:
- महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बंद रहते हैं
- जबकि पहले, तीसरे और पांचवें शनिवार को खुले रहते हैं
अगर पूरी तरह 5 डे बैंकिंग लागू होती है, तो सभी शनिवार छुट्टी हो सकते हैं।
सरकार की मंजूरी का इंतजार
हालांकि बैंक कर्मचारियों की मांग लगातार मजबूत होती जा रही है, लेकिन अंतिम फैसला केंद्र सरकार और संबंधित नियामक संस्थाओं को लेना होगा।
फिलहाल:
- वित्त मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है
- RBI ने भी अभी तक कोई नया आदेश जारी नहीं किया है
लेकिन AIBOC के ताजा पत्र के बाद यह मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है और आने वाले समय में इस पर बड़ा फैसला देखने को मिल सकता है।
