8th Pay Commission Demands: सैलरी में बड़ा उछाल, OPS बहाली और भत्तों में बदलाव की मांग तेज
देशभर में 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं लगातार तेज हो रही हैं। अलग-अलग कर्मचारी संगठनों ने सरकार को अपने सुझाव सौंपे हैं, जिनमें सैलरी, भत्तों और सेवा शर्तों में बड़े बदलाव की मांग शामिल है। अगर इन प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है, तो सरकारी कर्मचारियों के वेतन ढांचे में बड़ा परिवर्तन देखने को मिल सकता है।
💰 लेवल-1 कर्मचारियों के लिए सैलरी बढ़ाने की मांग
केंद्र शासित प्रदेशों के शिक्षकों का प्रतिनिधित्व करने वाले Progressive Teachers Justice Forum (PSNM) ने अपने ज्ञापन में लेवल-1 कर्मचारियों के लिए न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹50,000 से ₹60,000 करने का प्रस्ताव रखा है।
वर्तमान में 7वें वेतन आयोग के तहत यह सैलरी ₹18,000 है, यानी प्रस्तावित बदलाव मौजूदा वेतन से काफी अधिक है।
📊 फिटमेंट फैक्टर और इंक्रीमेंट में बदलाव
संगठन ने वेतन गणना के अहम आधार यानी फिटमेंट फैक्टर को भी बढ़ाने की मांग की है:
- मौजूदा 2.57 से बढ़ाकर 2.62 से 3.83 तक करने का सुझाव
- वार्षिक वेतन वृद्धि (Annual Increment) को 3% से बढ़ाकर 6-7% करने की मांग
संगठन का मानना है कि ये बदलाव बढ़ती महंगाई के अनुरूप कर्मचारियों की आय को संतुलित करने में मदद करेंगे।
📈 भत्तों में बड़े सुधार का प्रस्ताव
कर्मचारी यूनियनों ने कई भत्तों में भी इजाफा करने की सिफारिश की है:
- HRA: 10%, 20%, 30% से बढ़ाकर 12%, 24%, 36%
- ट्रांसपोर्ट अलाउंस: कम से कम ₹9,000 + DA
- चिल्ड्रन एजुकेशन अलाउंस (CEA): ₹2,800 से बढ़ाकर ₹7,000 प्रति माह प्रति बच्चा
- डिजिटल सपोर्ट अलाउंस: ₹2,000 प्रति माह
🧾 DA, छुट्टियां और अन्य सुविधाएं
- महंगाई भत्ता (DA) 50% होने पर बेसिक सैलरी में मर्ज करने की मांग
- DA कैलकुलेशन को ज्यादा सटीक बनाने का सुझाव
- रिटायरमेंट पर अर्जित अवकाश (EL) के नकदीकरण की सीमा 300 दिन से बढ़ाकर 400 दिन
- कर्मचारियों के लिए ज्यादा छुट्टियां और बेहतर सेवा शर्तें
🧓 OPS बहाली और पेंशन सुधार
संगठनों ने पेंशन और रिटायरमेंट से जुड़े बड़े बदलाव भी सुझाए हैं:
- पुरानी पेंशन योजना (OPS) को फिर से लागू करने की मांग
- ग्रेच्युटी सीमा को ₹50 लाख तक बढ़ाने का प्रस्ताव
- ग्रुप इंश्योरेंस कवर को मजबूत करने की सिफारिश
- प्रमोशन की प्रक्रिया को तेज करने की मांग
🚀 सैलरी में 4 गुना बढ़ोतरी का प्रस्ताव
Bharatiya Pratiraksha Mazdoor Sangh (BPMS) ने एक और बड़ा प्रस्ताव दिया है, जिसमें:
- न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 से बढ़ाकर ₹72,000 करने की मांग
- फिटमेंट फैक्टर 4.0 करने का सुझाव
इस प्रस्ताव के अनुसार, शुरुआती स्तर की सैलरी में भारी उछाल आएगा और उच्च पदों पर वेतन ₹10 लाख प्रति माह तक पहुंच सकता है।
⚠️ अभी क्या है स्थिति?
ये सभी सुझाव कर्मचारी संगठनों द्वारा दिए गए प्रस्ताव हैं। अभी तक सरकार की ओर से कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
8वां वेतन आयोग सभी सुझावों पर विचार करने के बाद अपनी रिपोर्ट तैयार करेगा, जिसके आधार पर ही आगे का निर्णय लिया जाएगा।
💡 निष्कर्ष
अगर इन मांगों को स्वीकार किया जाता है, तो सरकारी कर्मचारियों के वेतन, भत्तों और सेवा शर्तों में बड़ा बदलाव संभव है। हालांकि, फिलहाल यह सब प्रस्ताव स्तर पर है और अंतिम निर्णय का इंतजार करना होगा।
