8th Pay Commission Update: सैलरी बढ़ोतरी की नई मांग, यूनियनों ने सरकार को सौंपा प्रस्ताव
केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हाल ही में सरकार की ओर से प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद कर्मचारी यूनियनें भी सक्रिय हो गई हैं और उन्होंने वेतन संरचना में बड़े बदलाव की मांग उठाई है।
💰 न्यूनतम बेसिक सैलरी बढ़ाने की मांग
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि मौजूदा वेतन संरचना बढ़ती महंगाई के हिसाब से पर्याप्त नहीं है। इसी वजह से न्यूनतम बेसिक सैलरी में बड़े इजाफे की मांग की जा रही है।
Bharatiya Pratiraksha Mazdoor Sangh (BPMS) ने अपने मांग पत्र में प्रस्ताव रखा है कि:
- न्यूनतम बेसिक सैलरी को ₹18,000 से बढ़ाकर ₹72,000 प्रति माह किया जाए
यह मौजूदा 7वें वेतन आयोग के बेसिक पे से लगभग चार गुना ज्यादा है।
📊 क्या है सरकार की प्रक्रिया?
दरअसल, 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (CPC) के गठन के तहत केंद्र सरकार ने सभी हितधारकों से सुझाव और प्रस्ताव मांगे हैं। इसी प्रक्रिया के तहत कर्मचारी संगठनों ने अपने-अपने मांग पत्र आयोग के सामने रखे हैं।
इन प्रस्तावों पर विचार करने के बाद ही आयोग अपनी सिफारिशें तैयार करेगा।
⚙️ फिटमेंट फैक्टर पर भी बड़ा प्रस्ताव
यूनियन ने सिर्फ सैलरी ही नहीं, बल्कि फिटमेंट फैक्टर में भी बदलाव की मांग की है:
- मौजूदा 2.57 फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 4.0 करने का सुझाव दिया गया है
फिटमेंट फैक्टर वही आधार होता है जिससे कर्मचारियों की नई सैलरी तय होती है। इसे बढ़ाने से वेतन में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।
📈 महंगाई भत्ता (DA) को लेकर मांग
यूनियन का यह भी कहना है कि महंगाई भत्ता (DA) को इस तरह तय किया जाए कि कर्मचारियों की आय महंगाई के प्रभाव से सुरक्षित रह सके।
तेजी से बढ़ती कीमतों को देखते हुए DA में बेहतर समायोजन की मांग की गई है।
💡 क्या यह प्रस्ताव लागू हो गया है?
अभी तक इन मांगों को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। यह केवल कर्मचारी संगठनों के सुझाव हैं, जिन पर आयोग विचार करेगा।
अंतिम सैलरी स्ट्रक्चर और बढ़ोतरी का निर्णय आयोग की रिपोर्ट और सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा।
⚠️ कर्मचारियों के लिए जरूरी बात
कर्मचारियों को फिलहाल इन प्रस्तावित आंकड़ों को अंतिम मानने से बचना चाहिए। आधिकारिक घोषणा के बाद ही यह साफ होगा कि सैलरी में कितना इजाफा होगा।
