उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी पर्व-त्योहारों और महत्वपूर्ण परीक्षाओं को देखते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था की समीक्षा की। लखनऊ में हुई उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश में शांति और सुरक्षा बनाए रखने में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। साथ ही उन्होंने राष्ट्र-विरोधी और समाज-विरोधी गतिविधियों के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाने को कहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले दिनों में कई बड़े धार्मिक आयोजन और परीक्षाएं होने वाली हैं, इसलिए प्रशासन और पुलिस को पूरी सतर्कता के साथ काम करना होगा ताकि प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रहे।
त्योहारों के दौरान नई परंपरा की अनुमति नहीं
सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि त्योहारों के दौरान किसी भी नई धार्मिक परंपरा या कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी आयोजन पारंपरिक तरीके से ही हों और किसी भी गतिविधि से आम जनता को असुविधा नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति या समूह माहौल खराब करने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए। प्रशासन को स्थानीय स्तर पर धर्मगुरुओं और सामाजिक संगठनों के साथ संवाद बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि त्योहार शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो सकें।
पुलिस भर्ती परीक्षा के लिए विशेष व्यवस्था
बैठक में यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा राज्य के 1000 से अधिक केंद्रों पर कई पालियों में आयोजित होगी और इसमें बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल होंगे। ऐसे में ट्रैफिक प्रबंधन और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जाएं ताकि कहीं भी जाम या अव्यवस्था की स्थिति न बने।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। सभी परीक्षा केंद्रों पर मजिस्ट्रेट की तैनाती और पुलिस की कड़ी निगरानी सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं।
प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश
नवरात्र और अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान प्रदेश के प्रमुख मंदिरों और शक्तिपीठों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए मुख्यमंत्री ने विशेष सुरक्षा व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
देवीपाटन, शाकुंभरी देवी, विंध्यवासिनी धाम सहित कई प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भीड़ प्रबंधन, स्वच्छता, पेयजल और सुरक्षा की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके अलावा मंदिरों के आसपास स्वच्छता अभियान चलाने के भी निर्देश दिए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
प्रशासन को सतर्क रहने की हिदायत
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाला समय प्रशासन के लिए संवेदनशील है, क्योंकि कई बड़े धार्मिक कार्यक्रम और परीक्षाएं एक साथ हो रही हैं। इसलिए पुलिस और प्रशासन को पूरी जिम्मेदारी के साथ अपनी ड्यूटी निभानी होगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
