भुवनेश्वर कुमार ने 350 टी20 विकेट पूरे कर इतिहास रच दिया और जसप्रीत बुमराह को पीछे छोड़ते हुए भारत के दूसरे सबसे सफल गेंदबाज बन गए, गुजरात के खिलाफ शानदार प्रदर्शन रहा अहम।
IPL 2026, Bhuvneshwar Kumar completed 350 T20 wickets: आईपीएल 2026 में अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में गुजरात टाइटंस के खिलाफ शानदार गेंदबाजी करते हुए उन्होंने टी20 क्रिकेट में 350 विकेट का आंकड़ा पार कर इतिहास रच दिया।
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए खेलते हुए भुवनेश्वर ने अपने अनुभव का पूरा फायदा उठाया और विपक्षी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। इस प्रदर्शन के साथ ही उन्होंने जसप्रीत बुमराह को पीछे छोड़ते हुए एक खास रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है।
IPL 2026: 350 विकेट के साथ इतिहास में दर्ज हुआ नाम
भुवनेश्वर कुमार ने गुजरात टाइटंस के खिलाफ 4 ओवर में 28 रन देकर 3 अहम विकेट झटके। उन्होंने साई सुदर्शन, शुभमन गिल और जोस बटलर जैसे खतरनाक बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। इस शानदार प्रदर्शन के साथ उनके टी20 क्रिकेट में कुल विकेटों की संख्या 350 के पार पहुंच गई और वह ऐसा करने वाले भारत के दूसरे गेंदबाज बन गए। इस सूची में युजवेंद्र चहल पहले स्थान पर हैं, जबकि भुवनेश्वर ने जसप्रीत बुमराह को पीछे छोड़ते हुए दूसरा स्थान हासिल कर लिया है।
IPL 2026: भारतीय गेंदबाजों की सूची में बड़ा उलटफेर
टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाजों की सूची में अब बड़ा बदलाव देखने को मिला है। युजवेंद्र चहल जहां शीर्ष पर बने हुए हैं, वहीं भुवनेश्वर कुमार दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। जसप्रीत बुमराह अब तीसरे स्थान पर खिसक गए हैं, जबकि पीयूष चावला और रविचंद्रन अश्विन भी इस सूची में शामिल हैं। भुवनेश्वर की यह उपलब्धि उनके लंबे और शानदार करियर को दर्शाती है।

IPL 2026: आरसीबी की बल्लेबाजी रही निराशाजनक
इस मुकाबले में आरसीबी की शुरुआत भले ही तेज रही, लेकिन टीम नियमित अंतराल पर विकेट गंवाती रही। पूरी टीम 19.2 ओवर में 155 रन पर सिमट गई। विराट कोहली ने आक्रामक शुरुआत करते हुए कगिसो रबाडा के एक ओवर में लगातार पांच चौके जड़े, लेकिन वह 28 रन बनाकर आउट हो गए।
पावरप्ले के बाद आरसीबी की पारी पूरी तरह लड़खड़ा गई। कप्तान रजत पाटीदार, जितेश शर्मा और टिम डेविड सस्ते में आउट हो गए, जिससे टीम मुश्किल में आ गई। देवदत्त पडिक्कल ने 40 रनों की संघर्षपूर्ण पारी जरूर खेली, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से सहयोग नहीं मिला। नतीजतन, टीम बड़ा स्कोर खड़ा करने में नाकाम रही।
