इस्लामाबाद: पाकिस्तान में पिछले कुछ वर्षों से आतंकवादियों की रहस्यमयी हत्याओं का सिलसिला लगातार चर्चा में बना हुआ है। लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक सदस्यों से लेकर हिजबुल और अलबद्र जैसे संगठनों के कमांडरों तक, कई कुख्यात आतंकवादी अज्ञात हमलावरों के निशाने पर आ चुके हैं। अब पहली बार पाकिस्तान में ऐसे ही एक संदिग्ध हमलावर की गिरफ्तारी ने इस पूरे मामले को फिर सुर्खियों में ला दिया है।
ताजा मामला पुलवामा आतंकी नेटवर्क से जुड़े अरजमंद गुलजार उर्फ हमजा बुरहान की हत्या से जुड़ा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुरुवार को मुजफ्फराबाद में अज्ञात हमलावर ने उसे गोली मार दी। बताया जा रहा है कि इस साल अब तक पाकिस्तान में कम से कम पांच बड़े आतंकवादी ऐसे हमलों में मारे जा चुके हैं।
पहली बार पकड़ा गया संदिग्ध हमलावर
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मुजफ्फराबाद पुलिस ने पहली बार एक संदिग्ध हमलावर को गिरफ्तार किया है। उसकी पहचान रावलपिंडी के रहने वाले करीब 20 वर्षीय युवक के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी से पूछताछ जारी है और शुरुआती जांच में पता चला है कि उसने हत्या से पहले दो बार इलाके की रेकी की थी। अधिकारियों को शक है कि हत्या किसी सुनियोजित सुपारी किलिंग का हिस्सा हो सकती है।
तीन दिन से होटल में रुका था आरोपी
रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि हमलावर घटना से पहले तीन दिनों तक मुजफ्फराबाद के एक होटल में रुका हुआ था। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि उसे किसने भेजा और हत्या के पीछे असली मकसद क्या था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी का कोई बड़ा आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है। इससे मामले को लेकर और ज्यादा रहस्य पैदा हो गया है।
कैसे हुई हमजा बुरहान की हत्या?
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, हमजा बुरहान की सुरक्षा में पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी भी तैनात थे। घटना वाले दिन वह किसी मेहमान से मुलाकात कर रहा था, तभी हमलावर ने उस पर गोली चला दी।
बताया जा रहा है कि हमलावर को इलाके में पिछले दो दिनों से देखा जा रहा था। घटना के बाद जब वह भागने की कोशिश कर रहा था, तब स्थानीय लोगों ने उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।
कौन था हमजा बुरहान?
अरजमंद गुलजार उर्फ हमजा बुरहान जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के रत्नीपोरा इलाके का निवासी बताया जाता है। साल 2019 में वह वैध दस्तावेजों के जरिए पाकिस्तान गया था और फिर वापस नहीं लौटा।
रिपोर्ट्स के अनुसार, मुजफ्फराबाद में वह एक मदरसे से जुड़ा हुआ था और पढ़ाई की आड़ में दक्षिण कश्मीर में आतंक फैलाने, युवाओं की भर्ती कराने और फंडिंग जुटाने में सक्रिय भूमिका निभा रहा था।
भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने साल 2022 में उसे आधिकारिक रूप से आतंकवादी घोषित किया था। वह सुरक्षा एजेंसियों की मोस्ट वांटेड सूची में भी शामिल था।
पाकिस्तान में बढ़ रही रहस्यमयी हत्याएं
पिछले कुछ समय में पाकिस्तान में कई बड़े आतंकियों की इसी तरह अज्ञात हमलावरों द्वारा हत्या की जा चुकी है। इन घटनाओं के बाद पाकिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था और आतंकी नेटवर्क की गतिविधियों को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन लगातार हो रही टारगेट किलिंग्स ने आतंकी संगठनों के भीतर डर और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है।
