आज के समय में डायबिटीज यानी शुगर की बीमारी तेजी से बढ़ रही है। यह ऐसी समस्या है, जिसे अगर समय पर कंट्रोल न किया जाए तो शरीर के कई महत्वपूर्ण अंग प्रभावित हो सकते हैं। आमतौर पर लोग मानते हैं कि एक बार डायबिटीज की दवा शुरू हो जाए, तो उसे जिंदगीभर लेना पड़ता है। लेकिन कई मरीज जब शुगर लेवल सामान्य होने लगता है, तो वे खुद ही दवा बंद कर देते हैं। सवाल यह है कि क्या ऐसा करना सुरक्षित है?
एंडोक्रिनोलॉजी विशेषज्ञों के मुताबिक, बिना डॉक्टर की सलाह के डायबिटीज की दवा छोड़ना गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। आकाश हेल्थकेयर की सीनियर कंसल्टेंट एंडोक्रिनोलॉजिस्ट डॉ. मोनिका शर्मा का कहना है कि शुगर की दवा बीच में बंद करने से शरीर पर कई नकारात्मक प्रभाव पड़ सकते हैं।
शुगर की दवा अचानक छोड़ने से क्या होता है?
डायबिटीज की दवा शरीर में ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखने में मदद करती है। अगर कोई व्यक्ति अचानक दवा बंद कर देता है, तो शुगर तेजी से बढ़ सकती है। इससे कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं शुरू हो सकती हैं।
दिख सकते हैं ये शुरुआती लक्षण
- बार-बार प्यास लगना
- कमजोरी और थकान
- बार-बार पेशाब आना
- चक्कर या बेचैनी महसूस होना
विशेषज्ञों के अनुसार, कई बार अचानक दवा बंद करने से मेडिकल इमरजेंसी जैसी स्थिति भी बन सकती है।
लंबे समय में शरीर को हो सकते हैं गंभीर नुकसान
अगर लंबे समय तक शुगर अनियंत्रित रहती है, तो इसका असर शरीर के कई अंगों पर पड़ने लगता है।
1. हार्ट पर असर
अनियंत्रित डायबिटीज दिल की बीमारियों और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा सकती है।
2. किडनी डैमेज
शुगर बढ़ने से किडनी पर दबाव बढ़ता है, जिससे किडनी फेलियर का जोखिम पैदा हो सकता है।
3. आंखों की रोशनी प्रभावित
डायबिटीज आंखों की नसों को नुकसान पहुंचा सकती है। इससे धुंधला दिखाई देना या दृष्टि कमजोर होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
4. नसों पर असर
लगातार हाई शुगर लेवल नसों को प्रभावित कर सकता है, जिससे हाथ-पैरों में झनझनाहट या सुन्नपन महसूस हो सकता है।
शुगर की दवा छोड़ना खतरनाक क्यों माना जाता है?
डायबिटीज में शरीर या तो पर्याप्त इंसुलिन नहीं बना पाता या फिर उसका सही उपयोग नहीं कर पाता। दवाइयां शरीर में इंसुलिन और ब्लड शुगर के बीच संतुलन बनाए रखने में मदद करती हैं।
जब कोई व्यक्ति अचानक दवा बंद कर देता है, तो यह संतुलन बिगड़ जाता है और ब्लड शुगर अनियंत्रित होने लगता है। यही कारण है कि डॉक्टर बिना सलाह दवा बंद न करने की सलाह देते हैं।
क्या कभी शुगर की दवा बंद की जा सकती है?
कुछ मामलों में डॉक्टर दवा की मात्रा कम कर सकते हैं या दवा बंद करने पर विचार कर सकते हैं। लेकिन यह पूरी तरह मरीज की स्थिति और लाइफस्टाइल पर निर्भर करता है।
अगर कोई व्यक्ति:
- वजन नियंत्रित रखता है
- रोजाना एक्सरसाइज या योग करता है
- संतुलित आहार लेता है
- तनाव कम रखता है
तो कई बार शुगर बेहतर तरीके से कंट्रोल हो सकती है। फिर भी दवा बंद करने का फैसला केवल डॉक्टर की सलाह से ही लेना चाहिए।
डायबिटीज कंट्रोल में रखने के आसान उपाय
रोजाना वॉक करें
कम से कम 30 मिनट की वॉक ब्लड शुगर नियंत्रित रखने में मदद करती है।
योग और प्राणायाम करें
योगासन और प्राणायाम शरीर और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए फायदेमंद माने जाते हैं।
हेल्दी डाइट लें
मीठी चीजों और प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाकर संतुलित आहार लेना जरूरी है।
पर्याप्त नींद लें
तनाव कम रखें और रोजाना अच्छी नींद लेने की कोशिश करें।
Disclaimer
यह लेख सामान्य जानकारी पर आधारित है। डायबिटीज की दवा कभी भी अपनी मर्जी से बंद न करें। दवा में बदलाव या बंद करने से पहले हमेशा डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
