देशभर में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। हाल के दिनों में लगातार तेजी के बाद अब गोल्ड की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है। 16 मई की सुबह दिल्ली, मुंबई और अन्य बड़े शहरों में सोने के दाम नीचे आए, जबकि चांदी की कीमतों में भी तेज गिरावट दर्ज की गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी डॉलर की मजबूती और निवेशकों की भारी मुनाफावसूली के कारण कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी गोल्ड और सिल्वर दोनों कमजोर बने हुए हैं।
दिल्ली में सस्ता हुआ गोल्ड
राजधानी दिल्ली में आज 24 कैरेट सोने की कीमत घटकर ₹1,58,050 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई है। वहीं 22 कैरेट गोल्ड का भाव ₹1,44,890 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया।
एक दिन पहले दिल्ली के सर्राफा बाजार में 99.9 फीसदी शुद्धता वाला सोना ₹3,200 यानी करीब 1.93% टूटकर ₹1,62,000 प्रति 10 ग्राम पर आ गया था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड करीब 4,548.46 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है।
देश के प्रमुख शहरों में आज का गोल्ड रेट
देश के बड़े शहरों में 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने के ताजा भाव इस प्रकार हैं:
| शहर | 22 कैरेट गोल्ड (10 ग्राम) | 24 कैरेट गोल्ड (10 ग्राम) |
|---|---|---|
| दिल्ली | ₹1,44,890 | ₹1,58,050 |
| मुंबई | ₹1,44,740 | ₹1,57,900 |
| अहमदाबाद | ₹1,44,790 | ₹1,57,950 |
| चेन्नई | ₹1,47,640 | ₹1,61,070 |
| कोलकाता | ₹1,44,740 | ₹1,57,900 |
| हैदराबाद | ₹1,44,740 | ₹1,57,900 |
| जयपुर | ₹1,44,890 | ₹1,58,050 |
| भोपाल | ₹1,44,790 | ₹1,57,950 |
| लखनऊ | ₹1,44,890 | ₹1,58,050 |
| चंडीगढ़ | ₹1,44,890 | ₹1,58,050 |
चेन्नई में आज भी देश के प्रमुख शहरों के मुकाबले सोने का भाव सबसे ज्यादा बना हुआ है।
चांदी की कीमत में भी बड़ी गिरावट
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी कमजोरी देखने को मिली है। 16 मई की सुबह चांदी का भाव घटकर ₹2,89,900 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया।
एक दिन पहले दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी ₹21,600 यानी करीब 7.3% टूटकर ₹2,75,000 प्रति किलो पर आ गई थी। बता दें कि जनवरी 2026 में चांदी का भाव ₹4 लाख प्रति किलो के पार पहुंच गया था।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट सिल्वर लगभग 78.21 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही है।
क्यों गिरे सोना-चांदी के दाम?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, कई बड़े कारणों ने गोल्ड और सिल्वर की कीमतों को प्रभावित किया है:
- अमेरिकी डॉलर की मजबूती
- हालिया तेजी के बाद निवेशकों की प्रॉफिट बुकिंग
- वैश्विक बाजार में अनिश्चितता
- अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार में दबाव
जब डॉलर मजबूत होता है, तो सोना और चांदी जैसे एसेट्स पर दबाव बढ़ जाता है क्योंकि निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर डॉलर और बॉन्ड की ओर रुख करने लगते हैं।
अप्रैल में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा गोल्ड इंपोर्ट
वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल 2026 में भारत का गोल्ड इंपोर्ट 81.69% बढ़कर 5.62 अरब डॉलर तक पहुंच गया।
वहीं चांदी का आयात भी 157.16% बढ़कर 41.1 करोड़ डॉलर हो गया।
पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में:
- सोने का आयात मूल्य के हिसाब से 24% बढ़कर रिकॉर्ड 71.98 अरब डॉलर पहुंच गया
- हालांकि मात्रा के हिसाब से गोल्ड इंपोर्ट 4.76% घटकर 721.03 टन रहा
- सिल्वर इंपोर्ट करीब 150% बढ़कर 12 अरब डॉलर हो गया
- चांदी की मात्रा 42% बढ़कर 7,334.96 टन तक पहुंच गई
आगे क्या रह सकता है ट्रेंड?
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतें अमेरिकी डॉलर, वैश्विक ब्याज दरों, अंतरराष्ट्रीय तनाव और निवेशकों की रणनीति पर निर्भर करेंगी।
अगर डॉलर मजबूत बना रहता है और प्रॉफिट बुकिंग जारी रहती है, तो गोल्ड और सिल्वर में आगे भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
